वो जिलहरी की शाम
वो छोटी लाइन फाटक का जाम
वो नर्मदा रोड की हवा
वो विक्टोरिया की दवा
वो धुआंधार की ठंडक
वो सदर का मज़ा
वो गोरखपुर की शॉपिंग
वो मोबाइल की टाकिंग
वो बडकुल की जलेबी
वो अन्ना का डोसा
वो कमानिया की रबड़ी
वो फ्रीजो की आइसक्रीम
वो सिविक सेंटर की चाट
वो डिलाइट की चाय
वो पचपेढ़ी की सड़के
जहाँ कितने दिल धडके
वो मस्ती की बातें
ऐसी हैं हमारे जबलपुर की यादें
वो छोटी लाइन फाटक का जाम
वो नर्मदा रोड की हवा
वो विक्टोरिया की दवा
वो धुआंधार की ठंडक
वो सदर का मज़ा
वो गोरखपुर की शॉपिंग
वो मोबाइल की टाकिंग
वो बडकुल की जलेबी
वो अन्ना का डोसा
वो कमानिया की रबड़ी
वो फ्रीजो की आइसक्रीम
वो सिविक सेंटर की चाट
वो डिलाइट की चाय
वो पचपेढ़ी की सड़के
जहाँ कितने दिल धडके
वो मस्ती की बातें
ऐसी हैं हमारे जबलपुर की यादें